कोरोना ने बदल दिया है सबके जीने का तरीका, हर चेहरे की मुस्कान अब खो सी गयी है, ऐसे में उम्मीद न खोएं, रखें हौसला

कोरोना ने छीनी हर चेहरे की मुस्कान

कोरोना ने जैसे हर चेहरे की मुस्कान छीन ली है। अनगिनत लोग वास्तव में मुस्कुराना भूल चुके हैं। लेकिन क्या आपको याद है कि वो आखिरी व्यक्ति कौन था जिसने आपको देखकर मुस्कुरा दिया हो? काफी मुश्किल है इसका जवाब क्यूंकि वो इंसान जिससे आप मिले होंगे उसके चेहरे पर मास्क जरूर होगा।

मास्क लगाना हमारी मज़बूरी

इसमें दो राय नहीं कि मास्क वास्तव में हमें कोरोना जैसे जानलेवा वायरस से बचा रहा है लेकिन यह एक communication barrier का रूप भी लेता जा रहा है। चेहरे के एक्सप्रेशंस से हमें व्यक्ति के मनोभाव को सटीक तरीके से पहचानने में मदद मिलती है। जो मास्क लगाने के कारण हमें नज़र ही नहीं आती है।

लोगों से पूरी तरह दूरी बढ़ा रही परेशानी

साथ ही यह सोचकर बुरा भी लगता है कि सामने वाला व्यक्ति ये जान ही नहीं पाता है कि आप कब मुस्कुयाये। साथ ही न तो आप लोगों को गले लगा सकते हैं और न ही handshakes कर सकते हैं, जो स्तिथि को और भी बदत्तर बना देती है।

याद रखें Smiling is contagious

ऐसा माना जाता है कि परिस्तिथि चाहे जो भी हो एक छोटी सी मुस्कान आपको चुनौतियों से लड़ने की हिम्मत देती है। यह आपको negative energy से बचाती है। हमेशा याद रखें Smiling is contagious, तो खुद मुस्कुराएं और दूसरों की भी मुस्कान की वजह बनें।

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