भारत में फिर दर्दनाक, 45 लोगों की मौत, सड़क से सीधा नदी में गिरी बस, 20 महिला + 24 पुरुष + 1 बच्चा

मध्यप्रदेश के सीधी में मंगलवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया। सीधी के रामपुर नैकिन थाना इलाके में 54 यात्रियों से भरी बस नहर में गिर गई। अब तक 45 शव निकाले जा चुके हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद सात लोगों को बचाया गया, जबकि ड्राइवर तैरकर बच निकला। उसे हिरासत में लिया है। मृतकों में एक बच्चा, 20 महिलाएं और 24 पुरुष शामिल हैं।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बस हादसे को लेकर सीधी के कलेक्टर से बात की। दर्दनाक हादसे को देखते हुए शिवराज सिंह ने गृह प्रवेश कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई।

जानकारी के मुताबिक, जिस समय यह हादसा हुआ, बस सीधी से सतना जा रही थी। साइड लेने के दौरान वह पुलिया से सीधे नहर में जा गिरी। घटना की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण व अन्य लोग बस में फंसे लोगों की मदद में जुट गए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठे हो गए। एसडीआरएफ और गोताखोरों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया। घटना की जानकारी लगते ही बस में सवार लोगों के स्वजन भी मौके पर पहुंच रहे हैं मौके पर कोहराम मचा हुआ है। नहर की गहराई 20 से 22 फीट बताई जा रही है। हादसे के चार घंटे बाद 11.45 बजे क्रेन की मदद से बस को बाहर निकाला गया।

 

चालक की जल्दबाजी ने लील लीं जिंदगियां 
पुलिस के मुताबिक, बस की क्षमता 32 सवारियों की थी, लेकिन इसमें 54 यात्री भर लिए गए थे। बस को अपने तय समय पर सुबह पांच बजे रवाना होना था, लेकिन ये सुबह तीन बजे रवाना हो गई। सीधी मार्ग पर छुहिया घाटी से होकर बस को सतना जाना था, लेकिन यहां जाम की वजह से ड्राइवर ने रूट बदल दिया। वह नहर के किनारे से बस ले जा रहा था। यह रास्ता काफी संकरा था और इसी दौरान ड्राइवर ने संतुलन खो दिया, जिसके चलते बस खाई में गिर गई। बस के नहर में गिरते ही ड्राइवर बालेंद विश्वकर्मा ने तैरकर अपनी जान बचा ली। वह रीवा जिले के हरदुया सेमरिया गांव का रहने वाला है। बता दें कि झांसी से रांची के जाने वाला हाईवे सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली होते हुए जाता है। यहां जगह-जगह सड़क खराब और अधूरी है। इस वजह से यहां आए दिन जाम की स्थिति रहती है।

 

पीएम ने अनुग्रह राशि की घोषणा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधी बस हादसे पर दुख जताया। साथ ही मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की मुआवजा देने और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुयये दिए जाने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसकी जानकारी दी।

About Lov Singh

बिहार से हूँ, भारतीय होने पर गर्व हैं. मध्य पूर्व Asia से रूबरू कराता हूँ और फ़र्ज़ी खबरों की क्लास लगाता हूँ.
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