मोदी सरकार बेच रही पेट्रोल कम्पनी तो अरब देश आया आगे, ख़रीदेगा भारत का पेट्रोल पंप

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) को खरीदने को लेकर विदेशी निवेशकों में दिलचस्पी बढ़ रही है. बीपीसीएल को खरीदने की दौड़ में सऊदी अरब  की कंपनी एडनॉक (ADNOC) शामिल हो सकती है. सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, BPCL के विनिवेश को लेकर हुए रोड शो में ADNOC ने भी काभी दिलचस्पी दिखाई है. सूत्रों के मुताबिक, BPCL की औपचारिक EOI जारी होने के बाद एडनॉक इस रेस में शामिल हो सकता है. ADNOC की दिलचस्पी BPCL के रिटेल नेटवर्क को खरीदने में ज्यादा है.

बंडल प्लान पर अंतिम सहमति बनी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, BPCL विनिवेश के लिए बंडल प्लान की समीक्षा करेगी. वित्त और पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्लान फाइनल कर लिया है. सूत्रों के मुताबिक कंपनी EoI जारी होने का इंतजार कर रही है. फरवरी अंत तक BPCL के लिए EoI जारी हो सकती है.

बता दें कि रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी रोसनेफ्ट भी BPCL के अधिग्रहण के लिए बोली लगा सकती है. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ईगर सेचिन ने बुधवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात के दौरान इस पर चर्चा की थी. इसके अलावा सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको भी बोली लगा सकती है.

बीपीसीएल के पास देश में चार रिफाइनरियां हैं, जिनकी कुल क्षमता 3.83 करोड़ टन है. कंपनी के पास 15,177 पेट्रोल पंप और 6,011 एलपीजी वितरक एजेंसियां हैं. सरकार को इस विनिवेश से करीब 60 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है. BPCL का अधिग्रहण करने वाले खरीदार को देश की 14 प्रतिशत कच्चा तेल शोधन क्षमता और ईंधन विपणन ढांचे का करीब 25 प्रतिशत मिलेगा.

BPCL को खरीदने के लिए कोई सरकारी कंपनी नहीं लगाएगी बोली
सरकार ने संकेत दिया है कि इंडियन आयल कॉरपोरेशन (IOC) और सार्वजनिक क्षेत्र की अन्य कंपनियों को भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (BPCL) में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोली लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. BPCL के अधिग्रहण के लिए किसी भी खरीदार को करीब 90,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं.

About Lov Singh

बिहार से हूँ, भारतीय होने पर गर्व हैं. मध्य पूर्व Asia से रूबरू कराता हूँ और फ़र्ज़ी खबरों की क्लास लगता हूँ.
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