भारत में Passport को लेकर बदला गया पूर System, विदेश में भी रहने वाले होते रहेंगे TRACK

भारत सरकार अगले साल से ई-पासपोर्ट (E-Passport) जारी करेगी, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोप्रोसेसर (Electronic Microprocessor) लगा होगा. एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने इसका ट्रायल भी पूरा कर लिया है.

सरकार ने एक घंटे के भीतर 20,000 ई-पासपोर्ट (E-Passport) जारी करने का ट्रायल पूरा कर लिया है. ई-पासपोर्ट जारी करने के लिए सरकार एजेंसी की मदद लेगी, जो इसके लिए आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर (IT Infrastructure) विकसित करेगी. ई-पासपोर्ट के लिए दिल्ली और चेन्नई में डेडिकेटेट यूनिट लगाई जाएंगी, जहां से हर घंटे 10,000 से 20,000 ई-पासपोर्ट जारी किए जाएंगे.

इस प्रोजेक्ट के लिए नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर (National Information Center-NIT) ने विदेश मामलों के मंत्रालय (Ministry of External Affairs-MEA) को प्रपोजल रिक्वेस्ट (Request for Proposal-RFP) भेजा है, जिसमें आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए एक एजेंसी को चुनने के लिए कहा गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘ई-पासपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए बिल्कुल अलग तरह के सेटअप की जरूरत होगी. चूंकि ई-पासपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सिक्योरिटी से लैस होगा, जिसे जरूरत पड़ने पर कभी भी ट्रैक किया जा सके. इसकी सुरक्षा व्यवस्था बेहद उच्चस्तरीय होगी.’

मौजूदा समय में भारत सरकार बुकलेट की शक्ल में पासपोर्ट जारी करती है, जिसमें यात्रा विवरण की जानकारी होती है. इन पासपोर्ट में भी सुरक्षा के तमाम इंतजाम होते है, बावजूद इसके फेक पासपोर्ट की खबरें सामने आती रहती हैं.

About Lov Singh

बिहार से हूँ, भारतीय होने पर गर्व हैं. मध्य पूर्व Asia से रूबरू कराता हूँ और फ़र्ज़ी खबरों की क्लास लगाता हूँ.
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