कुवैत : 40,000 लोगों की नागरिकता पर संकट, रेजिडेंसी परमिटों में सशर्त होगा बदलाव

40,000 लोगों की नागरिकता को लेकर कुवैत के काहिरा में संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दरअसल काहिरा के एक अधिकारी ने खुलासा किया है कि काहिरा में लगभग 40,000 प्रवासियों ने कुवैत में अपने रेजीडेंसी परमिट की वैधता खो दी है। ब्रिगेड ने कहा, “जब तक उनके पास नया वीजा नहीं होगा, वे देश वापस नहीं जा पाएंगे।”

 

गौरतलब है कि कुवैत के सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख हमीद रशीद अल तवाला ने आंतरिक मंत्री अनीस अल सालेह के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि रेजिडेंसी परमिटों के नवीनीकरण के उपायों को सुविधाजनक बनाने के लिए यह फैसला किया गया है।  उन्होंने बताया कि इस दौरान लगभग 68,000 प्रवासियों के पासपोर्ट समाप्त हो गए, जिनमें ज्यादातर मिस्र और भारतीय थे।

Kuwait processing applications from Indians under amnesty scheme: MEA - The Economic Times

सशर्त होगा पासपोर्ट में बदलाव 

उन्होंने बताया कि “इस संकट को रेजिडेंसी परमिटों के नवीनीकरण और इस शर्त पर हस्तांतरण की अनुमति देकर संबोधित किया गया है कि इससे संबंधित देश के दूतावास इस अनुमोदन में नवीकरण में मुहर लगाते हैं और एक्सपेट्स को कुवैती विदेश मंत्रालय से आधिकारिक लिखित अनुमोदन प्राप्त होता है,”  इसके बाद दोनों देश के बीच लिए गए फैसलों के तहत ही इस पर आगे काम किया जायेगा।

 

विभाग के प्रमुख हमीद रशीद अल तवाला ने बताया “यह दृष्टिकोण इन एक्सपेट्स के साथ सहानुभूति को दर्शाता है जिन्होंने कोई गलती नहीं की है। उनकी समस्या कोरोनोवायरस महामारी का परिणाम थी, ”उन्होंने कहा कि लगभग 7,000 प्रवासी कामगार, जिनमें से ज्यादातर मिस्र और भारतीय समुदाय के थे, ने कुवैत में अपने निवास परमिट को खत्म कर दिया, जिसे आगे जारी रखने का फैसला आगामी बैठक के बाद लिया जायेगा।

 

40 thousand expats stranded abroad lose residency

 

बता दे कुवैत की 4.8 मिलियन की आबादी में लगभग 3.4 मिलियन विदेशी है। ब्रिगेड के अनुसार, लगभग 135,000 अवैध प्रवासी कुवैत में अब भी मौजूद हैं, ब्रिगेड के अनुसार, अवैध अधिकारियों के लिए वहां रहना अब मुश्किल होगा। इसके साथ ही सरकार की नई प्रकिया के तहत 26,000 से अधिक अवैध लोगों ने पहले ही क्षमा योजना का लाभ उठाया और कुवैत छोड़ दिया।

बता दे अप्रैल में कुवैती सरकार ने अवैध प्रवासियों को विदा करने के लिए प्रोत्साहित करने की योजना की घोषणा की थी, जिसके तहत क्षमा योजना के जरिए अवैध रूप से रह रहे लोगों को एक मौका देते हुए बिना किसी सजा और मुफ्त घर वापसी करने का मौका दिया गया था। इस स्कीम के तहत खुद कुवैत सरकार ने लोगों की घर वापसी कराते हुए उन्हें उड़ानों से छूट की पेशकश की थी।

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