कतर ने प्रवासियों को नौकरी से निकालने का जारी किया फ़रमान, चारो ओर से कतर सरकार को घेरा, फ़ैसला वापस

एक नजर पूरी खबर

  • प्रवासियों को नौकरी से निकालने पर चौतरफा घिरा कतर
  • कतर सरकार ने श्रम कानून में किया बदलाव
  • प्रवासियों को नौकरी से निकालने पर हुई आलोचना के बाद लिया फैसला

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कतर के अमीर तमीम बिन हमद ने रविवार को मजदूरों और घरेलू सहायकों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय करने का फरमान जारी किया। इस खबर की घोषणा कतरी समाचार एजेंसी ने की। दरअसल लंबे समय से श्रम शोषण के खिलाफ आलोचनाओं की मार झेल रही सरकार ने काफी सोच विचार के बाद यह फैसला किया।

इस दौरान एजेंसी ने विवरण जारी किए बिना, बाहर निकलने और प्रवासियों के निवास को विनियमित करने वाले 2015 के कानून में कुछ शर्तों को संशोधित करते हुए एक फरमान भी जारी किया। बता दे इसमें कहा गया है कि परिवर्तन तारीखों को निर्धारित किए बिना, कतरी आधिकारिक राजपत्र में उन्हें प्रकाशित करने के अगले दिन प्रभावी होंगे। यानी राजप्रत में जारी किए गए सबी सरकारी कानून जिस दिन जारी किए जायेंगे वह उसके अगले दिन से प्रभावी मांने जायेंगे।

कतरी श्रम मंत्रालय ने कहा कि बदलाव से रोजगार के हस्तांतरण में आसानी होती है। मंत्रालय ने परिवर्तनों को “श्रम सुधारों के एक कार्यक्रम में महत्वपूर्ण, सकारात्मक कदम” के रूप में इसे समझाते हुए श्रम के तहत बेदह कारगर बताया।

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गौरतलब है कि कोरोना काल में कतर में जनसंख्या को सीमित करने की दिशा में शाही फरमान जारी किए गए थे, जिसके बाद हाल ही में कतर में प्रवासी श्रमिकों की खराब स्थितियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों की ओर से तीखी आलोचना हुई है, जिसमें मजदूरी भी शामिल है। ऐसे में लंबी आलोचना झेलने के बाद कतर सरकार ने यह नया प्रावधान बनाने का फैसला किया है।

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