रामदान में सऊदी क्राउन प्रिन्स ने दिया पूरे मुल्क को तोहफ़ा, ख़त्म कर दिया (मौ'त की सज़ा)

सऊदी अरब के किंग सलमान ने नाबालिगों के लिए मौ’ त और कोड़े मा (रने) की सजा खत्म करने का आ’ देश दिया है। इन सजा को कैद और जुर्माने में बदलने का प्रस्ताव रखा गया है। माना जा रहा है कि किंग सलमान के बेटे क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की रणनीतियों के तहत ये बदलाव किए जा रहे हैं। वह देश में मानवाधिकार के खराब रिकॉर्ड को सुधारने की कवायद कर रहे हैं। इसे देश में विदेशी निवेश को आकर्षित करने और विश्व स्तर पर सऊदी अरब की प्रतिष्ठा को स्थापित करने के प्रयास माने जा रहे हैं।
 

 
इससे पहले भी क्राउन प्रिंस सलमान ने सऊदी अरब में कई उदारवादी नीतियां अपनाई हैं। उन्होंने देश में महिलाओं को कार चलाने की अनुमति दी, जिसे 2018 में सऊदी का एतिहासिक क्षण बताया गया था। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब में दुनिया में सबसे अधिक मानवाधिकारों का हनन किया जाता है।
 
 

 
 
किंग सलमान के इस ताजा आदेश से देश के अल्पसंख्यक शिया समुदाय के के कम से कम छह मुसलमानों की मौत की सजा खत्म हो जाएगी। यह सभी 18 साल से कम आयु के हैं और उन पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने का आरोप है। सऊदी सरकार के मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अब्वाद अल्वाद ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह राजशाही की और आधुनिक दंड संहिता है। यह सऊदी राजशाही के और सुधारवादी कदम उठाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

About Lov Singh

बिहार से हूँ, भारतीय होने पर गर्व हैं. मध्य पूर्व Asia से रूबरू कराता हूँ और फ़र्ज़ी खबरों की क्लास लगाता हूँ.
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