भारत के पदकदमों पर चल रहा दुबई, डिजिटल कामों को दे रहा बढ़ावा, मस्जिदों में क्यूआर कोड जारी

एक नजर पूरी खबर 

  • दुबई अपना रहा डिजिटल सुविधाएं
  • मस्जिदों में जारी किए गए क्यूआर कोड
  • अब क्यूआर कोड से मिलेगी पैगम्बर मुहम्मद और उनके साथियों की पूरी जानकारी

Photo Essay: The Sheikh Zayed Mosque ~ UAE

दुबई में इस्लामिक अफेयर्स एंड चैरिटेबल एक्टिविटीज़ डिपार्टमेंट (IACAD) ने कुछ मस्जिदों को एक डिजिटल सुविधा से जोड़ा है। बता दे इस नई डिजिटल सुविधा के तहत अब मस्जिदों में आने वालों को साइनबोर्डों पर छपे एक क्यूआर कोड के माध्यम से पैगम्बर मुहम्मद (सल्ल) के साथियों की जीवनी पढ़ सकते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने उन मस्जिदों के नाम भी साझा किए जिनमें यह सुविधा उपलब्ध होगी। इनके नाम है अबू बक्र अल सिद्दीकी, अल फारूक उमर बिन अल खत्ताब और खदीजा बिन्त खितवालेवाल।

UAE mosque named after Virgin Mary | Register | The Times

इस मामले पर IACAD के वरिष्ठ मुख्य प्रोग्रामिंग डेवलपर अम्मार अली ने कहा कि “क्यूआर कोड के माध्यम से नबी के साथियों की आत्मकथाओं को पेश करने के लिए एक नई सुविधा शुरू की गई है। ग्राहक क्यूआर कोड को स्कैन करते ही अपने साथी की पूरी कहानी यानी जीवनी देख सकता है। यह सुविधा खास तौर पर इन मस्जिदों में आने वालों की लिए बनाई गई है। इसके जरिए लोग अपने साथी के बारे में पूरी तरह से बिना ऑनलाइन गए जानकारी ले सकते हैं।

बतै दे IACAD के सूचना प्रौद्योगिकी अनुभाग ने मस्जिदों के साइनबोर्ड में क्यूआर कोड को एम्बेड किया है और एक बार स्कैन करने पर वे साथी का पूरा नाम, उनके जीवन का संक्षिप्त विवरण, जिसमें उनकी जन्मतिथि और मृत्यु तिथि जैसे विवरण शामिल होंगे सब देख सकेंगे। मस्जिद के बारे में जानकारी जैसे कि मस्जिद कब बनी और इसकी मुख्य विशेषताएं क्या है इसकी भी पूरी जानकारी दी गई होगी।

स्मार्ट के प्रमुख अली सलेम अल खौरी ने कहा, “आईएसीएडी विभिन्न स्मार्ट और डिजिटल सेवाएं प्रदान करके सर्वश्रेष्ठ वैश्विक प्रथाओं को अपना रहा है। इस कदम का उद्देश्य अमीरात के डिजिटल बदलाव में तेजी लाना है और स्मार्ट तकनीकों को अपनाना है। इससे दुनियाभर में यूएई को एक नई डिजिटल पहचान मिलेगी।

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