अरब में सोशल मीडिया पर किया उल्टा – पलटा पोस्ट तो सीधा Dh1,000,000 का जुर्माना, देश से भी बाहर किए जाएँगे

  • 512 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए

यूएई में साइबर अपराधों के खिलाफ कठोर दंड, जुर्माना, जेल और साथ ही ऑनलाइन असामाजिक व्यवहार के लिए निर्वासन किया जाता हैं। यूएई के पुलिस और न्यायिक अधिकारी आपराधिक मामलों में नियमित रूप से सोशल मीडिया पर आचरण पर जागरूकता बढ़ाते हैं।

 

बता दें  2019 में अबू धाबी न्यायिक विभाग (ADJD) ने सोशल मीडिया पर उल्लंघनों से संबंधित 512 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए, जिसमें उत्पीड़न, ब्लैकमेल, धमकी, शोषण और गोपनीयता संबंधी अपमानजनक टिप्पणियां दर्ज करना शामिल था।

Hate speech on social media: You could face jail term and fines of up to Dh500,000 | Living-ask-us – Gulf News

  • कारावास का दंड और Dh250,000 से Dh1,000,000 तक का जुर्माना

यूएई के साइबर अपराधों पर 2012 के संघीय कानून संख्या 5 के अनुच्छेद 20 में यदि किसी सरकारी अधिकारी या नौकर के साथ या उसके कार्य के कारण कोई बदनामी या अपमान किया जाता है तो यह अपराध का एक गंभीर कारक माना जाएगा जिसमें उसे कारावास की सजा और 2,250,000 का जुर्माना होता है। वहीं दूसरी तरफ आर्टिकल 35 में अगर कोई भी व्यक्ति जो अल्लाह, ईश्वर और पैगंबर सहित इस्लाम के किसी भी पवित्र प्रतीकों, पात्रों, आंकड़ों और अनुष्ठानों के लिए अवमानना के लिए किसी भी अन्य धर्मों या धर्मों या उनके किसी भी प्रतीक, चरित्र, आंकड़े और अनुष्ठानों के लिए अवमानना दिखाता है उसे कारावास का दंड और Dh250,000 से Dh1,000,000 तक का जुर्माना देना होता है।

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  • किसी भी विदेशी को निर्वासित करने का फैसला कर सकती है

आपको बता दें कानून के अनुच्छेद 21 में कम से कम छह महीने के लिए कारावास और Dh100,000 से Dh500,000 तक का जुरमाना है जो भी कंप्यूटर नेटवर्क या इलेक्ट्रॉनिक सूचना प्रणाली या किसी भी जानकारी का गलत उपयोग करता है,उसके लिए इन दो दंडों में से एक है। बता दें कानून के अनुच्छेद 29 में कारावास के दंड और Dh1 मिलियन से अधिक का जुर्माना है जो किसी इलेक्ट्रॉनिक साइट या किसी सूचना प्रौद्योगिकी का निर्माण या संचालन करता है और जो राज्य या किसी भी व्यक्ति के को नुकसान पहुंचाता है।

 

 

वहीं अनुच्छेद 30 में किसी भी व्यक्ति को राज्य की सरकार की व्यवस्था को बर्बाद या उसे जब्त करने या संविधान या राज्य के प्रभावी कानूनों को बाधित करने या कोशिश करने के उद्देश्य वाले को इलेक्ट्रॉनिक साइट बनाने वाले को दंडित करता है। जानकारी के लिए बता दें कानून के अनुच्छेद 42 में अदालत किसी भी विदेशी को निर्वासित करने का फैसला कर सकती है।

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