उत्तराखंड हादसा : परिजनों का आरोप, धीमा राहत और बचाव कार्य ले लेगा कई और जानें

हादसा दिल दहलाने वाला है

उत्तराखंड के चमोली में हुआ हादसा दिल दहलाने वाला है। अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है और 171 लोग अभी भी लापता हैं। नदी के किनारे बनें सैकड़ों घर बर्बाद हो गए हैं। बहाव इतना तेज था कि ब्रिज के साथ 13 गांव को अपने साथ बहा ले गया। वहां पर Rishi Ganga power plant पर काम चल रहा था जिसका अब नामों निशान भी नहीं बचा है।

दो छोटे भाइयों का इंतज़ार पिछले 60 घंटो से कर रहें हैं

बताते चलें कि Abdul Wajid नामक युवक अपने दो छोटे भाइयों का इंतज़ार पिछले 60 घंटो से कर रहें हैं लेकिन अभी तक कोई खबर है। दूसरे टनल में इनके भाइयों सहित 34 लोग अभी भी पिछले 72 घंटो से फंसे हुए हैं। वाजिद के जैसे और भी कई लोग हैं जो अपने परिजनों का इंतज़ार कर रहें हैं।

टनल को 120 metres तक साफ़ कर लिया गया

बताया जा रहा यही कि टनल को 120 metres तक साफ़ कर लिया गया है। बहुत सारे लोगों का कहना है कि वहाँ जरूरत से कम गति से काम हो रहा है, जिसकी वजह से और जानें जाने का खतरा बना हुआ है। वह बचाव और राहत कार्य में तेजी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन भी कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि या फिर ये मांग मान ली जाएं या बचाव कार्य का जिम्मा उनके हाँथ दे दिया जाए।

आखिरी बार वह उसे देखना चाहते हैं

टनल के प्रवेश द्वार पर न जाने कितने ही लोग उम्मीद का दीया लेकर बैठे हैं। टनल में फंसे 24 वर्षीय विजय कुमार के 64 वर्षीय पिता ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उनका बेटा बच पाएगा लेकिन आखिरी बार वह उसे देखना चाहते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि भले ही यह प्राकृतिक आपदा है लेकिन जिस तरह से बचाव कार्य जारी है, उसके अनुसार साल नहीं तो दसक लग ही जाएंगे उनके बेटे को ढूंढने में।

About Satyam Kumari

Journalist from Bihar. Associated with Gulfhindi.com since 2020. Can be reached at hello@gulfhindi.com with Subject line "Reach Satyam kumari."

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